हिंदी में सबसे अच्छी कहानियां | Best Hindi Stories To Read

क्या आप कहानी सुनना पसंद करते हैं? यदि आप एक story lover हैं, तो इस पोस्ट में हम आपके लिए हिंदी में सबसे अच्छी कहानियां (Best Hindi Stories) ले कर आए हैं। आशा करते हैं की आपको यह कहानियां आपको अच्छा लगेगा। जैसे जैसे हम नए नए हिंदी कहानियां आगे ढूंढेंगे, यहाँ हम अपडेट करते जायेंगे। आप यहाँ सभी पढ़ सकते हैं।

Best Hindi Stories | हिंदी में सबसे अच्छी कहानियां

यहाँ 2 प्रेरणादायक हिंदी कहानियाँ दी गई हैं। और नीचे हम नई कहानियों के लिंक भी साझा करेंगे।

आप हाथी नहीं इंसान हैं!

एक आदमी सड़क से गुजर रहा था। उसने सड़क के किनारे बंधे हाथियों को देखा और अचानक रुक गया। उसने देखा कि हाथियों के अगले पैर में एक रस्सी बंधी हुई है। उसे इस बात का बड़ा अचरज हुआ की हाथी जैसे विशालकाय जीव लोहे की जंजीरों की जगह बस एक छोटी सी रस्सी से बंधे हुए हैं! वो जानता था कि हाथी जब चाहते तब अपने बंधन तोड़ कर कहीं भी जा सकते थे। पर किसी वजह से वो ऐसा नहीं कर रहे थे। उसने पास खड़े महावत से पूछा कि भला ये हाथी किस प्रकार इतनी शांति से खड़े हैं, और भागने का प्रयास नही कर रहे हैं?

तब महावत ने कहा, “इन हाथियों को छोटे पर से ही इन रस्सियों से बाँधा जाता है। उस समय इनके पास इतनी शक्ति नहीं होती की इस बंधन को तोड़ सकें। बार-बार प्रयास करने पर भी रस्सी ना तोड़ पाने के कारण उन्हें धीरे-धीरे यकीन होता जाता है कि वो इन रस्सियों को नहीं तोड़ सकते। और बड़े होने पर भी उनका ये यकीन बना रहता है, इसलिए वो कभी इसे तोड़ने का प्रयास ही नहीं करते।

आदमी आश्चर्य में पड़ गया कि ये ताकतवर जानवर सिर्फ इसलिए अपना बंधन नहीं तोड़ सकते क्योंकि वो इस बात में यकीन करते हैं!! इन हाथियों की तरह ही हममें से कितने लोग सिर्फ पहले मिली असफलता के कारण ये मान बैठते हैं कि अब हमसे ये काम हो ही नहीं सकता। और अपनी ही बनायीं हुई मानसिक जंजीरों में जकड़े जकड़े पूरा जीवन गुजार देते हैं।

बोले हुए शब्द वापस नहीं आते

एक बार एक किसान ने अपने पडोसी को भला बुरा कह दिया। पर जब बाद में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह एक संत के पास गया। उसने संत से अपने शब्द वापस लेने का उपाय पूछा। संत ने किसान से कहा तुम खूब सारे पंख इकठ्ठा कर लो और उन्हें शहर के बीचो-बीच जाकर रख दो। किसान ने ऐसा ही किया और फिर संत के पास पहुंच गया। तब संत ने कहा, “अब जाओ और उन पंखों को इकठ्ठा कर के वापस ले आओ”। किसान वापस गया पर तब तक सारे पंख हवा से इधर-उधर उड़ चुके थे। किसान खाली हाथ संत के पास पहुंचा। तब संत ने उससे कहा कि ठीक ऐसा ही तुम्हारे द्वारा कहे गए शब्दों के साथ होता है। तुम आसानी से इन्हें अपने मुख से निकाल तो सकते हो पर चाह कर भी वापस नहीं ले सकते।

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